सम्राट हर्षवर्धन का टीला - थानेश्वर
शेख़ चिल्ली के मकबरे के ठीक पीछे सम्राट हर्षवर्धन का टीला दिखाई देता है। छटवीं शताब्दी में यहाँ पुष्यभूति वंश के राजा हर्षवर्धन की राजधानी थी जिसे थानेश्वर के नाम से जाना जाता था, उसी राजधानी के अवशेष वर्तमान में यहाँ टीले में दबे हुए दिखाई देते हैं।
7वीं शताब्दी के वर्धन साम्राज्य के राजा हर्षवर्धन की राजधानी रहे इस स्थान पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की खुदाई में कुषाण काल से लेकर मुगल काल तक (1-19वीं शताब्दी) की बस्तियों के अवशेष मिले हैं। यह स्थल, जो लगभग 1 किमी लंबा और 750 मीटर चौड़ा है, शेख चिल्ली के मकबरे के पास स्थित है और यहाँ खुदाई में प्राचीन महलों और संरचनाओं के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
