अख़नूर का किला, चिनाब नदी और पांडव गुफा
21 अक्टूबर 2023
भारत के जम्मू कश्मीर राज्य में जम्मू शहर से 28 किमी दूर, चिनाब नदी के दाहिने तट पर स्थित अखनूर का किला, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। यह किला एक प्राचीन स्थल पर स्थित है जिसे स्थानीय रूप से मांडा के नाम से जाना जाता है जो कि सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे उत्तरी छोर कहलाता है। यहाँ हुई खुदाई में तीन काल की संस्कृतियों के साक्ष्य मिले हैं—हड़प्पा कालीन बर्तन, आरंभिक ऐतिहासिक वस्तुएं और कुषाण काल के अवशेष।
यह कभी हड़प्पा कालीन नगर था जो कि आस्किन नदी के किनारे स्थित था। आस्किन नदी को वर्तमान में चिनाब नदी कहते है एवं इसका एक नाम चंद्रभागा भी है। किले के अंदर हुए उत्खनन से प्राप्त अवशेषों से ही इसके प्राचीन तीन संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।
मध्यकाल में इस किले का निर्माण 1762 ईसवीं में महाराजा तेज सिंह ने करवाया था, और उनके पश्चात उनके उत्तराधिकारी, राजा आलम सिंह ने 1802 ईस्वी में इसे पूर्ण करवाया। 17 जून 1822 को इसी किले के पास चिनाब नदी के जिया पोता घाट पर महाराजा रणजीत सिंह ने महाराजा गुलाब सिंह का राज्याभिषेक भी किया था।
'अखनूर' नाम के बारे में कहा जाता है कि मुगल सम्राट जहाँगीर की आँखों में संक्रमण हो गया था। यहाँ की ठंडी हवा और वातावरण से उनकी आँखों की रोशनी में सुधार हुआ, जिसके बाद इसे 'आँख-का-नूर' कहा गया जो बाद में अखनूर बन गया।
ऐसा भी माना जाता है कि अखनूर महाभारत काल की प्रसिद्ध विराट नगरी है। यहाँ पास में ही एक प्राचीन गुफा स्थित है जिसे पांडव गुफा के नाम से जाना जाता है, गुफा के अंदर पाँचो पांडवों सहित राजा विराट और महर्षि वेदव्यास जी की प्रतिमा दर्शनीय है।
