मथुरा से जम्मू - अन्नू की शादी में
19 OCT 2023,
अक्टूबर का महीना है, इस समय मौसम बदलता है और त्योहारों का समय चल रहा है। अभी नवरात्री हैं और कुछ समय बाद दीपावली का महापर्व भी आएगा। यह एक ऐसा समय होता है जब मेरा कार्य जोरों शोरों से चलता है और मुझे खाना खाने तक की भी फुर्सत नहीं मिल पाती है। इसी बीच मेरे परम मित्र कुमार भाटिया का मुझे कॉल आता है और वह मुझसे तुरंत जम्मू चलने के लिए बोलता है। दरअसल एक दो दिन बाद कुमार की छोटी बहिन अन्नू की शादी है, और इसके लिए वह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ जम्मू जा रहा है।
उसने अपने परिवार और रिश्तेदारों की सभी कन्फर्म टिकट कोटा एक्सप्रेस में बुक कर रखे हैं। आज यात्रा का दिन है और उसके साथ सिवाय उसके परिवार के जाना वाला कोई नहीं था, उसकी अधिकांश सीटें खाली जा रही हैं क्योंकि उसके अधिकतर रिश्तेदार अपनी पारवारिक जिम्मेवारियों के बीच जम्मू नहीं जा रहे हैं। चूँकि उसकी ट्रेन मथुरा से शाम को जाने वाली है इसलिए उसने मुझे फोन करके अपने साथ चलने को कहा, बिना सोचे समझे मैंने उसे हाँ बोल दिया। आखिर वो मित्र है और मैं उसकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहता हूँ।
मैंने ऑफिस में सर से इमरजेंसी में तीन दिन का अवकाश लिया जो कि सर ने स्वीकृत नहीं किया क्योंकि यह मेरी कंपनी का मुख्य सीजन का समय था किन्तु मेरे लिए मेरा कार्य प्रतिदिन का है, परन्तु अभी सिर्फ मित्रता निभाने का समय है और यही सोचकर मैं कुमार के साथ जम्मू के लिए रवाना हो चला। अपनी माँ से आज्ञा और आशीर्वाद लेकर मैं मथुरा रेलवे स्टेशन पहुंचा और कुछ ही समय बाद आगरा से कुमार भी अपने परिवार सहित मथुरा स्टेशन आ पहुंचा। मुझे देखकर वह अत्यंत ही प्रसन्न हुआ। जल्द ही कोटा एक्सप्रेस से हम जम्मू के लिए रवाना हो चले।
अगली सुबह हम पठानकोट के नजदीक पहुँच चुके थे, यह वह स्थान है जहां से मैं अपनी कुलदेवी माता बज्रेश्वरी के दर्शन करने नगरकोट अर्थात कांगड़ा जाता हूँ। यहाँ आकर मुझे अपनी पुरानी यात्रायें याद आ गईं। पठानकोट से आगे निकलने के बाद ट्रैन जम्मू कश्मीर राज्य की सीमा में प्रवेश करती है, और कुछ समय बाद हम जम्मू रेलवे स्टेशन पहुँच गए। ट्रेन से हमारी यात्रा यहीं तक थी
कुमार मेरा बचपन का मित्र है और वर्तमान में भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं। उसकी दो छोटी बहिने हैं जिनमे से एक की शादी हो चुकी है और दूसरी है अन्नू, जिसकी दो दिन बाद शादी है और हम इसी वजह से जम्मू आये हैं। अभी कुमार, अपनी माँ, पत्नी और अपने बच्चों के साथ जम्मू आया है, और साथ में अब मैं भी हूँ। लड़के वाले जम्मू के ही रहने वाले हैं और उन्होंने हमें स्टेशन से रिसीव करने के लिए अपनी एक गाडी भेज दी है। हम उस गाडी से मैरिज होम की तरफ रवाना हो चुके हैं।
शीघ्र ही हम अखनूर रोड पर स्थित N N RESORT पहुंचे। जहाँ हमारे ठहरने का इंतज़ाम वर पक्ष की ओर से किया गया था।
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| मथुरा स्टेशन पर कुमार से भेंट |
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| चक्की बैंक के पास एक रेल पुल |
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| जम्मू की ओर जाती हुई हमारी ट्रेन |
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| हिमालय के सुन्दर दृश्य को कैमरे में रिकॉर्ड करता एक यात्री |
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| दो मित्र और जम्मू तवी रेलवे स्टेशन |
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| जम्मूतवी रेलवे स्टेशन |
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| हमारा लगेज |
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| NN रिसोर्ट की तरफ |


















