इस्कॉन मंदिर - दिल्ली
23 SEP 2023
दिल्ली के पूर्वी कैलाश में श्री कृष्णा हिल्स में दिल्ली का इस्कॉन मंदिर स्थित है। इस मंदिर को श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर कहते हैं क्योंकि मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा रानी की प्रतिमा स्थापित है। इस मंदिर का उद्घाटन 5 अप्रैल 1998 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने किया था। यह भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। मंदिर में अनेकों कक्ष और सभागार हैं।
इस मंदिर की सबसे मुख्य विशेषता है कि यहाँ विश्व की सबसे बड़ी पुस्तक अद्भुत भगवत गीता रखी हुई है जो इटली में मुद्रित हुई थी और जिसका वजन अनुमानित 800 किलोग्राम है। इसका अनावरण 26 फ़रवरी 2019 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।
मैं आज सुबह ही यहाँ पहुँच गया और मंदिर के बाहर अपने जूते खोलकर दर्शन की लाइन में लग गया। अनेको दिल्लीवासी लोग यहाँ प्रभु के दर्शनों हेतु लाइन में लगे हुए थे और कुछ ही समय बाद मुझे भी ईश्वर के दर्शन हो गए। मंदिर काफी बड़ा है, अनेकों फुवारे मंदिर की शोभा को बढ़ाते हैं। सुरक्षा के लिए यहाँ हरसमय सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं।
आध्यात्म और चिंतन के लिए यह स्थान सबसे उपयुक्त है। यूँ तो आप किसी भी धार्मिक स्थल पर जाते हैं तो मन स्वतः ही सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण हो जाता है किन्तु मन के साथ साथ हृदयात्मा भी सकारात्मक ऊर्जा को अनुभव करे इसलिए ईश्वर के ऐसे मंदिरों में जाकर थोड़ी देर गहन चिंतन और ध्यान करना अति आवश्यक होता है। हमारे मन में उठी दुविधाओं का हमें पूर्ण समाधान मिल जाता है और मन भी एकाग्रचित्त होकर जीवन को सही मार्गदर्शन देता है।
मैं इस मंदिर में विश्व की सबसे बड़ी पुस्तक अद्भुत भगवत गीता के दर्शन करना चाहता था किन्तु इस समय यह ना हो सका और मैंने यहाँ पुनः आगमन का विचार करके मंदिर से प्रस्थान किया।
दिल्ली का इस्कॉन मंदिर एक ऊँचे टीले पर स्थित है। मंदिर के बाहर आते ही मैं पैदल पैदल ही अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ चला। एक बड़े से खुले पार्क में होकर मैं शीध्र ही दिल्ली के बहाई कमल मंदिर पहुंचा जिसे आज लोटस टेम्पल के नाम से भी जाना जाता है।
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| ISCON TEMPLE |














