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Sunday, March 26, 2017
MEHRANGARH FORT : JODHPUR
AMER FORT : JAIPUR
Wednesday, March 22, 2017
AGRA : JODHABAI KI CHHATRI
मुग़ल महारानी जोधाबाई की छतरी
यूँ तो आगरा शहर का नाम और यहाँ का इतिहास किसी से छुपा नहीं है। इस शहर को मध्यकालीन भारत में मुग़ल राजवंश की राजधानी होने का गौरव प्राप्त है। यह बाबर से लेकर औरंगजेव और उत्तर मुगलकालीन शासकों की कर्मभूमि रहा है। मुगलों ने यहाँ अलग अलग कालों में अनेकों ऐतिहासिक इमारतों का निर्माण कराया जिसमें विश्व प्रसिद्ध ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सिकरी, एत्माउद्दौला का मकबरा और अकबर का मकबरा, मुख्य इमारतें हैं। पंद्रहवीं शताब्दी में जब यहाँ बादशाह अकबर का शासन था तब यह शहर अपने चरमोत्कर्ष पर था।
यहाँ के बाग़ बगीचे और यहाँ लगने वाला मीना बाजार प्रमुख था। मुग़ल काल में ही आगरा से लाहौर तक कोस मीनारों का निर्माण हुआ। वर्तमान में यहाँ मुगलकाल के शासकों द्वारा अलग अलग समय पर निर्मित अनेकों इमारतें आज भी दिखाई देती हैं। बादशाह अकबर ने अपना मकबरा अपने जीवन काल में ही निर्मित कराना शुरू कर दिया था। जहांगीर के शासनकाल के दौरान उसकी पत्नी नूरजहां ने भी अपने पिता गयासुद्दीन बेग का मकबरा यहाँ निर्मित कराया और उसके पश्चात मुग़ल बादशाह शाहजहां ने भी अपनी पत्नी मुमताज की याद में ताजमहल नामक एक मकबरे का निर्माण कराया जो आज दुनिया के सात अजूबों में से एक है।
परन्तु इनमे जोधाबाई का नाम कहीं नहीं आता। हालाँकि फतेहपुर सीकरी में जोधाबाई का महल अवश्य दर्शनीय है परन्तु अकबर की मृत्यु के बाद जोधाबाई कहाँ गई कोई नहीं जानता।


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