स्थानेश्वर महादेव मंदिर एवं देवीकूप धाम
कुरुक्षेत्र की भूमि, ना केवल पौराणिक ग्रंथों में विशेष महत्त्व रखती है बल्कि इसका भारत के प्राचीन इतिहास में भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। छटवीं शताब्दी में यहाँ पुष्यभूति वंश के महान सम्राट हर्षवर्धन का शासन रहा है जिनकी राजधानी कुरुक्षेत्र में स्थित थानेश्वर में ही थी। थानेश्वर शब्द, यहाँ स्थित स्थानेश्वर का ही अपभ्रंश है जो कि भगवान शिव का निवास माना जाता है।
स्थानेश्वर मंदिर अत्यंत ही प्राचीन है और वर्धन काल में पुष्यभूति वंश के सम्राटों के कुलदेवता के रूप में विद्यमान हैं। ऐतिहासिक साक्ष्यों में हर्षवर्धन के पिता प्रभाकरवर्धन द्वारा इस मंदिर में पूजा का उल्लेख है।
