ज्योतिसर तीर्थ - कुरुक्षेत्र
ब्रह्म सरोवर देखने और यहाँ स्नान करने के पश्चात मैं ज्योतिसर तीर्थ के लिए रवाना हुआ जो कि यहाँ से लगभग 15 से 20 किमी दूर था। ब्रह्म सरोवर के बाहर से ही मुझे हरयाणा की एक रोडवेज बस मिल गई और मैं जल्द ही ज्योतिसर तीर्थ पहुँच गया।
माना जाता है कि ज्योतिसर ही वह प्रमुख स्थान है जहाँ महाभारत के युद्ध के दौरान भगवान् श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था और यहीं उन्हें अपने विराट स्वरुप के दर्शन कराये थे। अतः यह बहुत ही पावन तीर्थ स्थल है और सुन्दर स्थान है। कुरुक्षेत्र के मैदान से यह थोड़ी दूरी पर स्थित है। इस पावन स्थल पर वट वृक्ष लगे हुए हैं और यहाँ हाल ही मैं भगवान् श्री कृष्ण के विराट स्वरुप की एक दिव्य प्रतिमा भी लगाईं गई है। शाम के समय यहाँ लाइट एंड साऊंड शो की व्यवस्था भी है।
यहाँ के सभी पावन मंदिरों और स्थलों के दर्शन करने के पश्चात मैं कुछ देर ज्योतिसर ग्राम में भी घूमा और इस पावन धरा को प्रणाम किया।
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| महाभारत महाकाव्य के रचियिता और लेखक |





















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