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Wednesday, June 28, 2023

TVC TO NIL : KERLA RAIL TRIP 2023

 UPADHYAY TRIPS PRESENT'S

 कोंकण V मालाबार की मानसूनी यात्रा पर - भाग 6

तिरुवनंतपुरम से निलंबूर रोड - केरल में रेल यात्रा 


श्री अनंत पद्यनाभ स्वामी मंदिर के दर्शन करने के पश्चात, हम पैदल ही मंदिर से रेलवे स्टेशन की तरफ रवाना हो गए जोकि यहाँ से ज्यादा दूर नहीं था। रास्ते में बस स्टैंड के समीप एक फलमंडी भी दिखाई दी जहाँ से सोहन भाई ने कुछ फल और आम खरीदे। स्टेशन पहुंचकर हमने क्लॉकरूम से अपने अपने बैग वापस लिए। अब यहाँ से आगे की यात्रा सोहन भाई और मुझे अलग अलग करनी थी।

यहाँ से अब हमारी घर की ओर वापसी की यात्रा शुरू होनी थी, जबकि सोहन भाई अब यहाँ से आगे अपनी तमिलनाडू यात्रा पर प्रस्थान करने वाले थे। हमें यहाँ से वापसी की राह पर निलंबूर रोड स्टेशन जाना था जो केरल के मालाबार प्रान्त के समीप मन्नार पर्वतमाला की तलहटी में स्थित एक छोटा सा नगर है। हमारा रिजर्वेशन कोचुवेली से था और कोचुवेली यहाँ से आगे तीसरा स्टेशन है। 

तिरुवनंतपुरम से कोच्चुवेली जाने वाली डीएमयू ट्रेन का अब समय हो चला था। हमने बड़े भारी मन से सोहन भाई और उनके परिवार से विदा ली। रास्ते के लिए कुछ आम सोहन भाई की माँ ने मुझे भी दे दिए। घर से इतनी दूर आकर अपने मित्र और उनके परिवार से अलग होते समय मेरा दिल भर आया और आँखों में आंसू भी आ गए। सोहन भाई से बिछड़ने के बाद अब एक अजीब सा डर भी मेरे मन में घर कर गया। 

SRI ANANT PADAMNABH SWAMY TEMPLE : TIRUVANANTPURAM 2023

UPADHYAY TRIPS PRESENT'S

 कोंकण V मालाबार की मानसूनी यात्रा पर - भाग 5 

 श्री अनंत पद्यनाभस्वामी मंदिर - तिरुवनंतपुरम 

28 जून 2023 

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम का नाम यहाँ स्थित श्री अनंत पद्नाभस्वामी मंदिर के नाम से लिया गया है। तिरुवनंतपुरम में तिरु अर्थात श्री विष्णु, अनंत अर्थात शेषनाग और पुरम अर्थात नगरी, श्री विष्णु और शेष नाग जी का धाम। मान्यता है कि पृथ्वी पर सर्वप्रथम भगवान श्री विष्णु की मूर्ति यहीं पाई गई थी। अतः शेष शैया पर लेटे हुए भगवान विष्णु की इस विशाल मूर्ति को प्राचीन काल में उसी स्थान पर स्थापित किया जहाँ आज वर्तमान में है। 

श्री अनंत पद्नाभ स्वामी का मंदिर केरल और द्रविड़ शैली का मिश्रित रूप है। यहाँ का गोपुरम द्रविड़ शैली में निर्मित है और मुख्य मंदिर केरल शैली का एक अनुपम उदाहरण है। मंदिर के अंदर अष्टधातु के स्तम्भ हैं जिनपर सुन्दर कारीगरी देखने को मिलती है। 

हजारों जलते हुए दीपों से मंदिर की रौशनी बनी रहती है और मंदिर के गर्भगृह में शेष शैय्या पर लेटे हुए भगवान श्री विष्णु के दिव्य दर्शन होते हैं। मंदिर में सिर्फ हिन्दू  लोगों का प्रवेश ही मान्य है इसके अलावा यहाँ पुरुष और महिलाओं के लिए सिर्फ धोती पहनकर ही दर्शन करने की परंपरा है। 

मंदिर का निर्माण तो प्राचीन काल से है किन्तु समय समय पर इस मंदिर की देख रेख होने के वजह से आज यह केरल राज्य का मुख्य तीर्थ स्थान है। सत्रहवीं शताब्दी में त्रावणकोर के महाराज श्री मार्तण्ड वर्मा ने इस मंदिर का पुनः जीर्णोद्धार करवाया था। वर्तमान में भी त्रावणकोर राज परिवार के लोग ही इस मंदिर की देख रेख करते हैं।  

इस मंदिर की महत्ता यहीं समाप्त नहीं होती, वर्तमान में कुछ साल पहले इस मंदिर के तहखानों से लाखों करोड़ों रूपये का खजाना मिला है। माना जाता है कि मंदिर के नीचे सात तहखाने हैं जिनमें से एक तहखाना खुलना बाकी है क्योंकि उसपर भारतीय सर्वोच्च न्यायलय ने रोक लगा दी है। 

SHANGUMUGHAM BEACH : TIRUVANANTPURAM 2023

  UPADHYAY TRIPS PRESENT'S

 कोंकण V मालाबार की मानसूनी यात्रा पर - भाग 4

शंखुमुखम बीच - तिरुवनंतपुरम का एक सुन्दर समुद्री किनारा 


28 जून 2023 

तिरुवनंतपुरम रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में नहाधोकर हम तैयार गए, यहाँ हमने कोई होटल नहीं लिया क्योंकि आज शाम को हमें अपनी अपनी मंजिलों पर रवाना होना था। सोहन भाई  यहाँ के बाद, अपने परिवार सहित कन्याकुमारी जाएंगे और मैं कल्पना के साथ निलंबूर रोड रेल यात्रा पर। इसलिए तिरुवनंतपुरम रेलवे स्टेशन के क्लॉक रूम में हमने अपने अपने बैग जमा करा दिए। 

आज हमें यहाँ के प्रसिद्द अनंत पद्यनाभ स्वामी मंदिर के दर्शन करने थे। इसलिए हम मंदिर की दिशा की तरफ बढ़ चले, जो स्टेशन से थोड़ी ही दूरी पर था। स्टेशन के बाहर निकलते ही एक शानदार सा मॉल दिखाई दिया जिसके सामने खड़े होकर हमने कुछ फोटो लिए और एक बस द्वारा हम सेंट्रल बस स्टैंड पहुंचे जो मंदिर के नजदीक ही है। बस स्टैंड पहुंचकर हमें ज्ञात हुआ कि इस समय तो मंदिर बंद हो चुका है अतः हमने यहाँ से समुद्री बीच जाने का निर्णय लिया।