Tuesday, September 17, 2024

AGRA : LODI MOSQUE & TOMB

 

आगरा की ऐतिहासिक विरासतें - भाग 12

लोदी काल की मस्जिद और मक़बरा 




🖍 - 17 सितम्बर 2024, 

आगरा, मध्यकालीन भारत का ऐतिहासिक नगर है, इस शहर को मुग़लकालीन राजधानी होने का गौरव प्राप्त है इसलिए यहाँ मुग़ल काल से जुड़े हुए अनेकों भव्य स्मारक मौजूद हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण ताजमहल है जिसके कारण आगरा को दुनिया भर में पहचान मिली है। नूरजहां के पिता एत्माउद्दौला का मकबरा, चीनी का रोजा, आगरा किला, जामामस्जिद, फतेहपुर सीकरी और सिकंदरा ये सभी आगरा की प्रमुख मुगलकालीन स्मारक हैं। 

 यूँ तो आगरा शहर की स्थापना 1504 ईसवी में सिकंदर लोदी ने की थी। आगरा से कुछ दूर दिल्ली मार्ग पर उसने सिकंदराबाद नामक शहर बसाया था जो कालांतर में सिकंदरा ने नाम से आज भी स्थित है। परन्तु यह सिकंदरा आज सिकंदर लोदी के कारण नहीं बल्कि मुग़ल सम्राट अकबर के मकबरे के कारण विश्व भर में विख्यात है। 

आगरा शहर की स्थापना का श्रेय सिकंदर लोदी को जाता है किन्तु आगरा शहर को पहचान मुग़ल शासक अकबर के शासनकाल में ही मिली, उसने इसे अपनी राजधानी बनाया और आगरा किला का निर्माण कराया। अकबर ने अपनी मृत्यु से पूर्व ही अपने मकबरे का भी निर्माण भी आगरा में ही कराया था।  


बादशाह अकबर के मकबरे के अहाते में सड़क के किनारे एक पुराना भव्य मकबरा दिखाई देता है। पुरातत्व विभाग के अनुसार यह मकबरा लोदी काल का है और इसमें अवश्य ही लोदी वंश से सम्बंधित कोई राजसी पुरुष या महिला दफ़न होगी। यह मकबरा कब और किसने बनवाया और किसके लिए बनवाया, इसके अभीष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं हैं। 











लोदी टॉम्ब 


LODI MOSQUE 

यहीं से थोड़ी दूरी पर एक तीन गुम्बदीय मस्जिद के अवशेष दिखाई देते हैं।  मस्जिद की वास्तुकला और निर्माण शैली के हिसाब से यह मस्जिद लोदी काल की प्रतीत होती है। पुरातत्वविदों और इतिहासकारों ने इसे लोदी मस्जिद कहा है। वर्तमान में यह दयनीय स्थिति में है जिसका संरक्षण करने की सख्त आवश्यकता है किन्तु पुरातत्व विभाग की तरफ से इसे किसी  तरह का कोई संरक्षण प्राप्त नहीं है। 







 
सन 2013 में लोदी मस्जिद  



आगरा में अन्य मुग़ल कालीन स्मारक 

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