Tuesday, September 17, 2024

AGRA : AKBAR TOMB


जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर का मक़बरा  


17 सितम्बर  2024,

जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर का मकबरा आगरा के सिकंदरा में स्थित एक भव्य मुगलकालीन स्मारक है, जिसे उनके पुत्र जहांगीर ने 1605-1613 के बीच बनवाया था। लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से निर्मित यह 119 एकड़ में फैली एक अनूठी पिरामिडनुमा संरचना है, जो इस्लामी, हिंदू और बौद्ध वास्तुकला का मिश्रण है।

 मुख्य मकबरे का प्रवेश द्वार बुलंद दरवाजे की शैली में बनाया गया है और जटिल नक्काशी से सजाया गया है।इस मकबरे की चारों कोनों पर सफेद संगमरमर की मीनारें हैं।

औरंगजेब के समय में इस मकबरे को जाटों द्वारा लूटा गया था, माना जाता है कि उन्होंने इस मकबरे से बादशाह अकबर के शरीर के अवशेषों को निकालकर उनका दाह संस्कार कर दिया। ब्रिटिश काल में अंग्रेजों (लॉर्ड कर्जन) ने इसकी मरम्मत कराई थी।


जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर (1542-1605)


अकबर का जन्म 15 अक्टूबर, 1542 को अमरकोट (सिंध) के राजपूत किले में राणा वीरसाला के यहाँ, हुमायूँ के निर्वासन के दौरान हुआ था। उसका बचपन से नाम जलालुद्दीन मोहम्मद था। आगरा की हिन्दू प्रजा ने उसे जजिया कर हटाने के उपलच्छ में उपहार स्वरुप अकबर नाम दिया था। 

1556 में हुमायूँ की मृत्यु के बाद, मात्र 13 वर्ष की आयु में बैरम खान के संरक्षण में पंजाब के कलानौर में उनका राज्यारोहण हुआ। 13 वर्ष की अल्पायु में सिंहासन पर बैठने वाले अकबर ने बैरम खान के संरक्षण में पानीपत की दूसरी लड़ाई जीती। 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में  बैरम खान के नेतृत्व में हेमू को हराकर दिल्ली और आगरा पर पुनः अधिकार किया।

जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर मुग़ल वंश का तीसरा और सबसे प्रख्यात मुगल सम्राट था, जिसने 1556-1605 तक शासन किया। उसने सैन्य विजयों द्वारा साम्राज्य का विस्तार किया, राजपूत नीति के तहत सुलह-ए-कुल (धार्मिक सहिष्णुता) अपनाई, और आईन-ए-अकबरी के अनुसार मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार किया।

 वह एक उदार शासक था। उसने 1564 में गैर-मुसलमानों पर लगने वाला 'जजिया कर' समाप्त कर दिया।सन 1582 में सभी धर्मों के मूल तत्वों को मिलाकर 'दीन-ए-इलाही' नामक एक नया धर्म चलाया।

अकबर का निधन 27 अक्टूबर, 1605 को हुआ और उसे आगरा के सिकंदरा में दफनाया गया।



अकबर के मकबरे का मुख्य द्वार 






मुख्य द्वार के अंदर आने के बाद दिखाई देता अकबर का मकबरा 



अकबर का मकबरा 



मुग़ल सम्राट अकबर का मकबरा 




मुग़ल सम्राट अकबर की कब्र 

मकबरे से दिखाई देता मुख्य द्वार 
















काँच महल 

यह खूबसूरत चौकोर स्मारक मुगल वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है। यहां आज भी चारबाग के अवशेष देखे जा सकते हैं, जिनमें इसके पुल, जलमार्ग और तालाब शामिल हैं। ऐसा माना जाता है कि पहले इसे महल या शाही महिला विश्राम स्थल के रूप में और फिर जहांगीर के शाही शिकारगाह के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। 

1605-19 के बीच निर्मित यह इमारत अब खंडहर हो चुकी है। पहले यह चर्च मिशनरी सोसाइटी के अधीन थी, लेकिन अब पुरातत्व विभाग इसकी देखरेख करता है।





.





















MY TRIP OF AKBAR TOMB IN 2013


अकबर का मकबरा 

महान सम्राट अकबर की कब्र 

मकबरे का उत्तरी दरवाजा

सिकंदरा स्थित कांच महल 




No comments:

Post a Comment

Please comment in box your suggestions. Its very Important for us.