ग्राम दुमेड़ी में मेरी यात्रायें - वर्ष 2023
ग्राम दुमेड़ी में मेरी दोनों बहनों की ससुराल है। कभी कभी किसी खास मौके पर मेरा यहाँ आना होता रहता है। मेरी बहिन के ससुर जी ने अपने घर के निकट एक शिव मंदिर का निर्माण कराया है जिसके उद्घाटन पर उन्होंने अपने समस्त रिश्तेदारों और अपने ग्राम निवासियों को प्रसाद रुपी भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया था। इसी उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए मैं भी अपनी बहिनों के के गाँव पहुंचा।
मुझे देखकर मेरी दोनों बहिने अति प्रसन्न हुईं। यहाँ मेरी मुलाक़ात मेरे बहनोई किशोरी लाल जी हुई जो उप पुलिस में कार्यरत हैं और वर्तमान में ग्रेटर नॉएडा में रहते हैं। मेरा मौसेरा भाई गोपाल और दिलीप भी इस समारोह में आये थे और उनसे भी मेरी भेंट हुई। आज अपने भांजों और बहनों से मिलकर मेरा मन अति प्रसन्न हुआ और समारोह के समाप्त होने के पश्चात मैं वापस घर लौट आया।
 |
| मेरा छोटा भांजा - कुञ्ज त्रिवेदी |
 |
| मेरा बड़ा भांजा - यश त्रिवेदी |
 |
| यही है शिव मंदिर, जिसका आज उद्घाटन समारोह था |
 |
| मेरी छोटी बहिन निधि अपने बेटे कुञ्ज के साथ |
 |
| मेरी भांजी - वर्षा त्रिवेदी |
 |
| कुञ्ज अभी छोटा है |
 |
| कुञ्ज और वर्षा की मस्ती |
 |
| मेरी बहिन - रश्मि शर्मा |
 |
| किशोरी लाल त्रिवेदी |
 |
| यश ने बाइक की चाबी ले ली - ताकि मैं वापस ना जाऊ |
उद्घाटन समारोह से लौटने के बाद अगले माह ही मेरे भांजे कुञ्ज की जन्मदिन था, इस मौके पर आज मैं पुनः अपनी बहिनों के गाँव दुमेड़ी के लिए रवाना हुआ। मैं राया पहुंचा, यहाँ पहुंचकर मुझे जानकारी मिली कि यहाँ मेरे बड़े भाई धर्मेंद्र शर्मा जी की तबियत ख़राब है और वह राया में डॉक्टर राजेश के यहाँ अस्पताल में भर्ती हैं। मैंने उन्हें देखने हॉस्पिटल पहुंचा, भैया मुझे देखकर अति प्रसन्न हुए। यहाँ मेरी मुलाकात मेरे एक अन्य भाई कृष्णकांत से भी हुई जिसे सब प्यार से विट्टू कहते हैं।
भैया से मिलने के पश्चात मैं भोला को लेकर दूमेड़ी के लिए रवाना हो चला। रास्ते में नीमगांव नाम का एक गाँव आया, आज यहाँ शाम की हाट लगी थी, मैं और भोला थोड़ी देर हाट में घूमे और इसके बाद आगे की यात्रा पर रवाना हो गए।
मैं कुञ्ज के लिए उसके जन्मदिन के उपहार में एक साईकिल रिक्शा लेकर गया जिसे पाकर वह बहुत खुश हुआ। हमने धूमधाम से कुञ्ज का जन्मदिन मनाया और पूरा दिन रुकने के बाद अगले दिन मैं और भोला वापस मथुरा लौट लिए।
 |
| धर्मेंद्र भाई और विट्टू से अस्पताल में एक मुलाकात |
 |
| नीमगांव में लगी एक हाट |
 |
| निधि और कुञ्ज |
 |
| यश भी है |
 |
| रिक्शा पाकर कुञ्ज बहुत प्रसन्न हुआ |
इति शुभम