UPADHYAY TRIPS PRESENT'S
अबकी बार - बिहार
घूमने का जज़्बा दिल में हो तो मंजिलें मिल ही जाती हैं, बस जरुरत है तो उनतक पहुँचने की। मेरे भी मन में कुछ ऐसी मंजिलें थी जहाँ तक मैं पहुंचना चाहता था। सो इस दीपावली पर ठान लिया था कि जरूर जाऊँगा अबकी बार बिहार। इस बार अकेला ही था कोई साथ में जाने वाला नहीं था इसलिए रिजर्वेशन की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। साधना को गोवर्धन पूजा वाले दिन ही बुला लिया था ताकि भाई दौज का त्यौहार मना सकूँ। दौज को सुबह पांच बजे निधि और साधना भाई दौज पूरी की और माँ का आशीर्वाद लेकर सुबह साढ़े पाँच बजे अकेला ही निकल पड़ा अपने देश के इतिहास और संस्कृति को देखने के लिए ऐतिहासिक राज्य बिहार की तरफ।
बिहार मेरा पसंदीदा राज्य है क्योंकि यहाँ की धरती ने ऐसे वीर योद्धाओं को जन्म दिया है जिन्होंने भारतीय इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी है जिनमे जरासंध, बिंबसार ,अजातशत्रु ,चन्द्रगुप्त मौर्य, अशोक,शेरशाह सूरी का नाम बड़े गर्व से लिया जाता है। भारत का सबसे शक्तिशाली राज्य मगध, आधुनिक काल का बिहार ही है जिसकी राजधानी पाटलिपुत्र आज पटना कहलाता है। बिहार की धरती केवल योद्धाओं की ही नहीं बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है , यहाँ बौद्ध धर्म और जैन धर्म का विस्तार सबसे अधिक था। महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति भी यहीं हुई थी, जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर स्वामी ने बिहार की ही धरती पर जन्म लिया और यहीं निर्वाण प्राप्त किया।
हिन्दू धर्म के अनुसार माता सीता का जन्म भी बिहार की धरती पर ही हुआ, अनेकों ऋषि मुनियों के आश्रम बिहार में ही स्थित थे जिनमे गौतम ऋषि जिनकी पत्नी अहिल्या का उद्धार प्रभु श्री राम के चरणों से हुआ, महर्षि विश्वामित्र का आश्रम जहाँ प्रभु श्री राम ने अनुज लक्ष्मण के साथ उनके यज्ञ की रक्षा की और शिक्षा प्राप्त की। सिख धर्म के लिए भी बिहार की धरती बहुत ही पुण्य है क्योंकि इसी धरती पर गुरु गोविंदसिंह का जन्म भी हुआ था और साथ ही इस्लाम की बात की जाए तो बिहार शरीफ और बीथो शरीफ के बारे में बताने आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
बिहार को नदियों का राज्य भी कहा जाता है क्योंकि देश की सबसे बड़ी नदी गंगा बिहार के बीचोंबीच से होकर गुजरती है इसके साथ ही इसमें सोन , गंडक और कौशिकी नदी का भी संगम बिहार में ही होता है। बिहार के प्राचीन शहर मगध , वैशाली , राजगृह , अंग आदि का इतिहास में सर्वोपरि स्थान है।
बिहार को नदियों का राज्य भी कहा जाता है क्योंकि देश की सबसे बड़ी नदी गंगा बिहार के बीचोंबीच से होकर गुजरती है इसके साथ ही इसमें सोन , गंडक और कौशिकी नदी का भी संगम बिहार में ही होता है। बिहार के प्राचीन शहर मगध , वैशाली , राजगृह , अंग आदि का इतिहास में सर्वोपरि स्थान है।
इसलिए मैं कह सकता हूँ कि बिहार मेरा पसंदीदा राज्य है।
बिहार यात्रा के भाग
- अबकी बार - बिहार
- बिहार की तरफ एक रेल यात्रा
- माँ ताराचंडी शक्तिपीठ धाम
- शेरशाह सूरी और उसका मकबरा
- रोहतासगढ़ की तरफ एक यात्रा
- बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस
- राजगीर या राजगृह
- वैभारगिरि पर्वत और सप्तपर्णी गुफा
- जरासंध और जरा देवी मंदिर
- सोनभंडार गुफा
- विश्व शांति स्तूप, राजगीर
- मगध एक्सप्रेस - इस्लामपुर से नईदिल्ली
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