Tuesday, November 29, 2022

BRAJYATRA : SHIVTAAL

 

मथुरा का शिवताल 



मथुरा का शिवताल,  सौंख अड्डा के निकट गुरुनानक नगर में स्थित एक प्राचीन और ऐतिहासिक कुंड है। जहाँ भगवान शिव को भगवान श्री कृष्ण दर्शन हुए थे। 

50 फीट गहरा यह चतुर्भुज कुंड ऊंची दीवारों से घिरा है और मान्यता अनुसार शिवजी को यहीं दर्शन मिले थे। वर्तमान में उपेक्षा, काई और गंदगी के कारण यह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, लेकिन धार्मिक रूप से यह अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल बना हुआ है।

यह 50 फीट गहरा, ऊंची दीवारों वाला चतुर्भुज कुंड है, जिसके चारों कोनों पर छतरीनुमा छज्जे हैं।यह ब्रज चौरासी कोस यात्रा का एक प्रमुख स्थान माना जाता है।

यद्यपि यह एक प्राचीन तीर्थ है, फिर भी रख-रखाव की कमी से यह उपेक्षित है।

बनारस के राजा पटनीमल ने मथुरा के कई मन्दिरों का निर्माण कराया और जीर्णोद्धार कराया था। कहते है कि उसने नगर की जल की आवश्यकता की पूर्ति हेतु इस सुन्दर तालाब का निर्माण कराया और इसके पास शिव मन्दिर भी बनवाया था। यह विशाल ताल पक्का एवं काफ़ी गहरा है। 

यह मथुरा परिक्रमा मार्ग में आने वाले प्रमुख स्थानों में से एक है । परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु इस कुण्ड में स्नान करते हैं और कुण्ड के सामने स्थित अछलेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं । भाद्रपद् की एकादशी के दिन सालाना मेला आयोजित किया जाता है ।



 












अचलेश्वर शिव मंदिर 




प्राचीन शिवलिंग 





ॐ नमः शिवाय 

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