Monday, November 28, 2016

BRAJYATRA : BRAHMAND GHAT



ब्रह्माण्डघाट

     भगवान श्री कृष्ण ने मथुरा में जन्म लिया और मथुरा की भूमि पर अनगिनत लीलाएं की।  इनकी लीलाओं से जुड़े अनेकों स्थान आज भी मथुरा और उसके आसपास देखे जा सकते हैं। हमने आगरा छोड़कर अपना स्थाई निवास अब मथुरा बना लिया है इसलिए आज मैं मथुरा नगर के आसपास घूमने के लिए निकला और गोकुल के नजदीक एक घाट पर पहुंचा। 

      गोकुल के नजदीक ही यमुना नदी के किनारे ब्रह्माण्ड घाट स्थित है। कहते हैं यह वही स्थान है जहाँ भगवान श्री कृष्ण ने बचपन में माटी खाई थी, उन्हें माटी खाते देख माँ यशोदा उन्हें मुँह खोलने को कहती हैं तो श्री कृष्ण के छोटे से मुख में सारा ब्रह्माण्ड देखकर, आश्चर्य चकित रह जाती हैं। भगवान श्री कृष्ण की यह दिव्य लीला इसी स्थान पर हुई थी इसलिए इसे ब्रह्माण्ड घाट कहा जाता है। 

महावन के चौरासी खम्भा मंदिर से इसकी दूरी लगभग एक किमी है। इसी मंदिर से थोड़ा सा आगे भगवन शिव का चिंताहरण नाम से प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर भी है। 









ब्रह्माण्ड घाट , गोकुल 



जय ब्रह्माण्ड बिहारी की 








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