जनवरी के घने कोहरे के बीच लोहागढ़ किले की एक यात्रा
16 JAN 2024,
बीती रात वृन्दावन से लौटने के बाद हम अपने घर पर आराम से सोये और अगली सुबह हम बाइक से आज भरतपुर जाने के लिए तैयार हो गए। आज , कल की अपेक्षा ठण्ड अत्यधिक थी और कोहरा भी बहुत घना था। दिन निकल आया है ऐसा प्रतीत ही नहीं हो रहा था। सौरभ भाई के अनुसार उन्हें उत्तर भारत की इस भयंकर सर्दी का एहसास नहीं था, इस कोहरे का उन्हें तनिक भी आभास नहीं था अन्यथा वह इस यात्रा को जनवरी में प्लान नहीं करते।
हम बाइक से भरतपुर मार्ग पर पहुंचे, शीतलहर चल रही थी और सड़क पर घने कोहरे का साम्राज्य था। आज मथुरा से भरतपुर की यह 30 किमी की छोटी सी दूरी भी बहुत लम्बी प्रतीत हो रही थी। मेरे पास मफलर देखकर सौरभ भाई के मित्रों ने मुझसे इसके बारे में पूछा और कल रात ही अपने लिए एक नया मफलर खरीद लिया था। आज की इस यात्रा में इस मफलर ने उन्हें बहुत राहत पहुंचाई।
रास्ते में एक दुकान पर हमने रूककर गर्मागर्म चाय पी और उनके पश्चात पुनः भरतपुर की ओर रवाना हो गए।



