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Monday, January 15, 2024

TRIP WITH SAURABH MANDLIK 2024 : VRINDAVAN & MATHURA


नववर्ष पर सौरभ मंडलीक भाई और उनके मित्रों के साथ वृन्दावन की एक यात्रा 



15 JAN 2024,

अभी इसी नववर्ष पर ग्वालियर यात्रा के कुछ दिनों बाद ही मेरे एक आभासी मित्र सौरभ मंडलीक, अपने अन्य दो मित्रों के साथ महाराष्ट्र से ब्रज यात्रा पर पधारे। सौरभ मंडलीक भाई महाराष्ट्र में पुणे के नजदीक एक नगर में रहते हैं और वह महाराष्ट्र तथा देश अन्य नगरों के प्राचीन और मध्यकालीन किलों का भ्रमण कर चुके हैं और अपने यूट्यूब चैनल पर इन किलों से संबंधित अनेकों वीडियो साझा कर चुके हैं। 

चूँकि फेसबुक की आभासी दुनिया में हम ऐतिहासिक यात्रा पटल के घुमक्कड़ होने के नाते आपस में मित्र हैं, और अभी तक हमारी बात कॉल और मैसेज पर होती रहीं हैं। वह काफी दिनों से मथुरा - वृन्दावन यात्रा  का प्लान कर रहे थे, अंततः इस जनवरी  में उन्होंने अपनी इस यात्रा को पूर्ण किया और बृज दर्शन हेतु मथुरा पधारे। उनके साथ उनके अन्य दो मित्र भी इस यात्रा पर मथुरा आये। 

हालांकि यह मौसम बृज यात्रा के अनुकूल नहीं है, जनवरी का महीना है और इस माह में उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ती है। चारों ओर घने कोहरे का साम्राज्य रहता है और इस वर्ष तो सर्दी अपने चरम पर थी, कई दिनों से धूप नहीं निकली थी, बस पूरा दिन कोहरे के बीच गुजर रहा था। कब सुबह से शाम हो जाती कुछ पता ही नहीं चल रहा था। लोग अपने घरों में रहकर ही अपने को सुरक्षित महसूस कर रहे थे। 

इस बीच मेरे पास महाराष्ट्र से सौरभ भाई का कॉल आया और उन्होंने मुझे अपने ब्रजभूमि आने का कार्यक्रम बताया। चूँकि उनका यात्रा कार्यक्रम निर्धारित हो चुका था इसलिए मैंने भी उन्हें इस यात्रा की अग्रिम बधाइयाँ दी और उनकी प्रतीक्षा की। मकर सक्रांति के अगले दिन सौरभ भाई अपने मित्रों के साथ मथुरा आ गए। मैंने उन्हें अपने घर ही आने का सुझाव दिया और अगले दिन सौरभ भाई से मेरी वास्तविक भेंट हुई। 

मैंने सौरभ भाई की मुलाक़ात अपनी माँ से और पत्नी से कराई, सभी उनसे मिलकर अति प्रसन्न हुए। सौरभ भाई हमारे लिए महाराष्ट्र से स्वादिष्ट मुंबई की भेलपुरी और भाकरी लाये थे इसके अलावा वीर शिवाजी महाराज की सिंहासनारूढ़ प्रतिमा भी उन्होंने मुझे भेंट की। उनके द्वारा प्रेम से लाये गए इन उपहारों को मैंने माँ को भेंट किया। माँ मेरे इन नए मित्रों से मिलकर अति प्रसन्न हुईं। 

सौरभ भाई के आने से पूर्व मैं एक गाडी का इंतज़ाम करना चाहता था किन्तु समयाभाव के कारण नहीं कर सका। परन्तु मैंने एक अतिरिक्त बाइक का इंतज़ाम अवश्य ही कर लिया था। इसलिए आज की यात्रा हमारी बाइक यात्रा थी और हम शीघ्र ही मथुरा से वृन्दावन के लिए निकल पड़े। भयंकर सर्दी और घने कोहरे के बीच हम मदन मोहन जी के मंदिर पहुंचे जो कि वृन्दावन के सप्त देवालयों में से एक मध्यकाल का ऐतिहासिक मंदिर है।  

Tuesday, November 29, 2022

BRAJYATRA : SHIVTAAL

 

मथुरा का शिवताल 



मथुरा का शिवताल,  सौंख अड्डा के निकट गुरुनानक नगर में स्थित एक प्राचीन और ऐतिहासिक कुंड है। जहाँ भगवान शिव को भगवान श्री कृष्ण दर्शन हुए थे। 

50 फीट गहरा यह चतुर्भुज कुंड ऊंची दीवारों से घिरा है और मान्यता अनुसार शिवजी को यहीं दर्शन मिले थे। वर्तमान में उपेक्षा, काई और गंदगी के कारण यह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, लेकिन धार्मिक रूप से यह अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल बना हुआ है।

यह 50 फीट गहरा, ऊंची दीवारों वाला चतुर्भुज कुंड है, जिसके चारों कोनों पर छतरीनुमा छज्जे हैं।यह ब्रज चौरासी कोस यात्रा का एक प्रमुख स्थान माना जाता है।

यद्यपि यह एक प्राचीन तीर्थ है, फिर भी रख-रखाव की कमी से यह उपेक्षित है।

Saturday, November 5, 2022

BRAJYATRA : MTJ TO BDB RAIL BUS

 

मथुरा से वृन्दावन मीटर गेज रेल बस यात्रा